जीजेईपीसी ने एमआईडीसी के साथ किया समझौता
मुंबई में बनेगा भारत का सबसे बड़ा ज्वेलरी पार्क

एमआईडीसी और जीजेईपीसी के बीच हुए समझौता पत्र पर हस्ताक्षर (एमओयू) के अवसर पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री सुरेश प्रभु और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद रहे।

भारत में जेम्स एंड ज्वेलरी उद्योग की प्रतिनिधि संस्था, जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी) ने महाराष्ट्र औद्योगिक विकसा महामंडल (एमआईडीसी) के साथ एक समझौता (एमओयू) किया है। समझौते के तहत जीजेईपीसी मुंबई में इंडिय़ा ज्वेलरी पार्क बनाएगी, जो कि भारत का सबसे बड़ा ज्वेलरी पार्क होगा। प्रस्तावित ज्वेलरी पार्क नवी मुंबई में बनाया जाएगा। मैग्नेटिक महाराष्ट्र समिट के दौरान जीजेईपीसी और एमआईडीसी के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया। जीजेईपीसी के अध्यक्ष प्रमोद अग्रवाल और एमआईडीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री संजय सेठी ने एमओयू पर हस्ताक्षर किया। इस अवसर पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री सुरेश प्रभु और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद रहे।

प्रस्तावित इंडिया ज्वेलरी पार्क का विकास २५ एकड़ क्षेत्रफल में किया जाएगा। इसमें कुल मिला कर ४० लाख वर्गफुट क्षेत्र में निर्माण कार्य होगा। ज्वेलरी पार्क में जेम्स एंड ज्वेलरी क्षेत्र से जुड़ीं पांच हजार से ज्यादा इकाइयों को जगह मिलेगी जिन्हें ५०० वर्ग फुट से लेकर १० हजार वर्ग फुट तक की जगह प्रदान की जाएगी। अगले ३-५ साल के भीतर इस प्रोजेक्ट में १३,००० करोड़ रुपये से ज्यादा पूंजी निवेश होने की उम्मीद है। ज्वेलरी पार्क के विकास के लिए इंडिया ज्वेलरी पार्क नाम से एक स्पेशल पर्पज वेहिकल (एसपीवी) कंपनी बनाई गई है, जो नॉट फॉर प्रॉफिट कंपनी है।

एमओयू के लिए आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए जीजेईपीसी के अध्यक्ष प्रमोद अग्रवाल ने कहा कि हम कौशल विकास और मेक इन इंडिया से जुड़े प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन का समर्थन करते हैं। इंडिया ज्वेलरी पार्क का विकास प्रधानमंत्री के विजन के मुताबिक ही है, जो महाराष्ट्र के साथ ही भारत के आर्थिक विकास में अहम योगदान करेगा। यह पार्क न सिर्फ निजी पूंजी निवेश आकर्षित करेगा बल्कि यहां की विनिर्माण इकाइयों में बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार भी मिलेगा। साथ ही इस पार्क के जरिए कारोबार के साथ ही निर्यात भी बढ़ेगा। यह डायनामिक वेंचर उन ज्वेलरी निर्माताओं/कारोबारियों को वह हर जरूरी सुविधा प्रदान करेगा, जो अपने कारोबार को इंडिया ज्वेलरी पार्क में स्थानांतरित करना चाहते हैं। नया कारोबार शुरू करने अथवा अपने मौजूदा कारोबार को सशक्त करने की चाहत के साथ महाराष्ट्र में निवेश करनेवाले कारोबारियों/ज्वेलरी निर्माताओं को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि चीन, टर्की, इटली, थाईलैंड जैसे कई देशों में ज्वेलरी पार्क बनाए गए हैं, जिन्होंने बेंचमार्क कायम किया है।

जीजेईपीसी अध्यक्ष श्री अग्रवाल ने बताया कि ज्वेलरी पार्क प्रोजेक्ट से महाराष्ट्र में तकरीबन एक लाख कामगारों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। मैं जेम्स एंड ज्वेलरी के समर्थन और विकास प्रोत्साहन के लिए भारत सरकार, खासकर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय का आभारी हूं। मैं आपको भरोसा भी दिलाना चाहता हूं कि जीजेईपीसी जेम्स एंड ज्वेलरी उद्योग में भारत की अग्रणी पोजीशन को बनाए रखने की दिशा में निरंतर प्रयास जारी रखेगी। जेम्स एंड ज्वेलरी का निर्यात बढ़ा कर हम भारत के विकास में अपना अंशदान जारी रखेंगे। संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित १७ स्थायी विकास लक्ष्यों, जिनमें समेकित काम करने की स्थिति, बेहतर भोजन, स्वच्छता और निवासी सुविधाएं शामिल हैं, जैसे मानकों के मुताबिक मुंबई ज्वेलरी पार्क का विकास किया जाएगा। एसएमई कामगारों के लिए जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने के साथ ही आभूषणों के निर्माण और बिक्री की अनुमति के लिए सिंगल विंडो की व्यवस्था की जाएगी। जीजेईपीसी ने महाराष्ट्र सरकार से मांग की है कि ज्वेलरी पार्क में इकाइयों की स्थापना के लिए आवश्यक २१ परमिंशंन बाबत भी सिंगल विंडो व्यवस्था की जाए। राज्य सरकार से यह मांग भी की गई है कि ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट में निवेश से जुड़ी सभी रियायतों का लाभ ज्वेलरी पार्क में निवेश करनेवाली कंपनियों-उद्यमिय़ों को भी मिलनी चाहिए।