जीजेईपीसी ने लॉन्च किया ‘ज्वैलस्टार्ट’, जैम एंड ज्वैलरी इंडस्ट्री के लिए भारत का पहला समर्पित इनोवेशन एवं इन्क्युबेशन सेंटर
‘ज्वैलस्टार्ट’ ‘दुनिया के लिए ज्वैलर’ के रूप में भारत की भूमिका को मजबूत बनाएगा

आईआईजेएस भारत सिग्नेचर 2026 में भारत के जैम एंड ज्वैलरी उद्योग के लिए ज्वैलस्टार्ट के लॉन्च के साथ एक निर्णायक क्षण देखने को मिला, यह जैम, ज्वैलरी एवं संबंधित स्टार्ट-अप्स के लिए जीजेईपीसी का पहला समर्पित इन्क्युबेशन एवं एक्सेलरेशन प्लेटफॉर्म है।

उद्योग जगत के नेतृत्व वाले इन्क्युबेशन प्लेटफॉर्म के रूप में ज्वैलस्टार्ट को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि यह जैम एवं ज्वैलरी वैलयू चेन की विशेष ज़रूरतों को पूरा करने में कारगर होगा। इस पहल का उद्देश्य उद्योग जगत, अकादमिक जगत, निवेशकों एवं सरकारी संगठनों के बीच आपसी सहयोग को बढ़ावा देते हुए स्टार्ट-अप्स, एमएसएमई को सशक्त बनाना है, ताकि वे अपने विचारों को स्केलेबल, मार्केट-रैडी एंटरप्राइज़ेज में बदल सकें। इस पहल के माध्यम से जीजेईपीसी ‘ज्वैलर टू द वर्ल्ड’ के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत बनाएगा।

इस अवसर पर जीजेईपीसी ने ज्वैलस्टार्ट इकोसिस्टम को सशक्त बनाने के लिए कई एमओयू भी साईन किए। ये एमओयू जीजेईपीसी तथा श्री शाजी वर्घीज़, सीईओ, सोसाइटी फॉर इनोवेशन एंटरेप्रेन्योरशिप, आईआईटी बॉम्बे, श्री अमरेश पानीग्रही, सीनियर प्रोफेसर, पीएचडी स्कॉलर, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिज़ाइन, अहमदाबाद, श्री हितेश सचदेव, हैड- स्टार्ट-अप एंगेजमेन्ट्स एंड इन्वेस्टमेन्ट्स, आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड, श्री नारायण नदुवथ, स्टेट ऑपरेशन्स हैड, इंडसइंड बैंक लिमिटेड और श्री मितेश शाह, सह- संस्थापक, आईपीवी के बीच के बीच साईन किए गए।

इस अवसर पर डॉ तारिक थॉमस, डायरेक्टर, वाणिज्य विभाग, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा, ‘‘सरकार विभिन्न सेक्टरां में इनोवेशन्स को बढ़ावा दे रही है और ज्वैलस्टार्ट जैसी पहलें इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। आज उद्योग जगत लगातार उतार-चढ़ाव के दौर से गुज़र रहा है, उपभोक्ताओं की उम्मीदें भी बदल रही हैं। चुनौतियों को हल करने के पारम्परिक तरीके अब पर्याप्त नहीं हैं। ऐसे में ज्वैलस्टार्ट जैसे प्लेटफॉर्म ऐसे स्पेस का निर्माण करते हैं जहां युवा इनोवेटर्स सीधे उद्योग जगत की समस्याओं को समझे, इनके लिए स्थायी एवं दीर्घकालिक समाधान खोजें।’

श्री किरीट भंसाली, चेयरमैन, जीजेईपीसी ने कहा, ‘‘भारत 100 बिलियन डॉलर का ज्वैलरी एक्सपोर्ट पावरहाउस बनने की दिशा में अग्रसर है, ऐसे में उद्योग जगत को पारम्परिक सीमाओं के दायरे से आगे बढ़ना होगा। ज्वैलस्टार्ट इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, यह ज्वैलरी इकोसिस्टम में पहला डिजिटल-फर्स्ट इनोवेशन है। भारत की तेज़ी से विकसित होती स्टार्टअप इकोनॉमी और संस्थागत सहयोग के साथ ज्वैलस्टार्ट स्वदेशी टेक्नोलॉजी, हेरिटेज कारीगरी और इनोवेशन के बीच का अंतर दूर करेगा तथा ‘ज्वैलर टू द वर्ल्ड’ के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत बनाएगा।’

‘हमने ज्वैलस्टार्ट की शुरूआत से पहले टेक्नोलॉजी, मैनुफैक्चरिंग, एवं डिज़ाइन इंस्टीट्यूशन्स के नज़रिए से स्टार्टअप इकोसिस्टम का अध्ययन किया। हमने जैम एंड ज्वैलरी सेक्टर की वास्तविकताओं को ध्यान में रखते हुए यह लॉन्च किया है।’ भंसाली ने कहा।

इस अवसर पर श्री सब्यसाची रे, एक्ज़क्टिव डायरेक्टर, जीजेईपीसी ने कहा, ‘‘आज भारत डायमण्ड एवं कलर्ड जैमस्टोन्स में ग्लोबल लीडर बन चुका है तथा गोल्ड एवं स्टटेड ज्वैलरी के निर्यात में भी तेज़ी से विकसित हो रहा है। हालांकि आज के उपभोक्ताओं की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए उद्योग जगत को स्मार्ट तरीके से सोचना होगा और नए इनोवेशन्स करने होंगे। यही कारण है कि हमारे उद्योग के लिए अब स्टार्टअप और आर एंड डी इकोसिस्टम बनाना अब वैकल्पिक नहीं- यह सामरिक आवश्यकता बन चुका है। इस पहल के ज़रिए हम न सिर्फ कारोबारों को इन्क्युबेट करेंगे; बल्कि ग्लोबल जैम एंड ज्वैलरी परिवेश में ब्राण्ड इंडिया के भविष्य को आकार देंगे।’’

भारत निर्यात के महत्वाकांक्षी लक्ष्यों की दिशा में काम कर रहा है, ऐसे में एमएसएमई और युवा उद्यमियों के लिए इनोवेशन को सुलभ बनाना चाहिए। हमें सुनिश्चित करना चाहिए कि ये इनोवेशन सिर्फ बड़े संगठनों तक ही सीमित न रहें।

ज्वैलस्टार्ट केलॉन्च के साथ जीजेईपीसी ने स्टार्टअप्स और इनोवेशन को उद्योग जगत की मुख्यधारा में रखा है। आने वाले महीनों में यह प्रोग्राम जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, उम्मीद की जा रही है कि ज्वैलस्टार्ट इस बात को प्रभावित करने में मुख्य भूमिका निभाएगा कि किस तरह भारत नई सोच को नए पैमाने तक बढ़ाते हुए ज्वैलरी उद्यमियों की नई पीढ़ी का निर्माण करता है।