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इंदौर-वर्कशॉप ने सीनियर सेल्स टीमों को आज के रीसर्च-सेवी उपभोक्ताओं के अनुसार तैयार किया |
जब कोई ग्राहक किसी ज्वैलरी शोरूम में आता है, और उसने पहले ही ऑनलाइन हीरों पर घंटों रिसर्च कर ली होती है। ऐसे में उसका भरोसा जीतने और बिक्री गंवाने के बीच का फ़र्क पूरी तरह से काउंटर के दूसरी तरफ खड़े व्यक्ति पर निर्भर करता है। जेमोलॉजिकल साइंस इंटरनेशनल इसी अंतर को दूर कर रहा है। जीएसआई दुनिया के सबसे बड़े ज्वैलरी मार्केट्स में संचालन करने वाली विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त जेमोलॉजिकल लैबोरेटरी है। हाल ही में जीएसआई ने इंदौर में अपनी ’ज्वैलरी एक्सीलेंस वर्कशॉप’ आयोजित की। जहां मध्य प्रदेश के जाने- माने ज्वैलरी ब्रांड्स के सीनियर सेल्स प्रतिनिधियों को गहन और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग देने के लिए बुलाया गया। विक्रेता से भरोसेमंद सलाहकार तक यह प्रोग्राम एक सरल से विचार पर आधारित हैः ग्राहकों को अब विक्रेताओं की नहीं, बल्कि विशेषज्ञों की ज़रूरत है। आज ज्वैलरी खरीदने वाले हर ज़रूरी पहलू को जानते औरसमझते हैं। इसी के मद्देनज़र जीएसआई का पाठ्यक्रम जेमोलोजिकल साइंस और शोरूम के बीच के अंतर को दूर करने के लिए बनाया गया है।
वर्कशॉप के दौरान प्रतिभागियों को हीरे के चार ’सी’ पर गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें उन्होंने न केवल परिभाषाएँ सीखीं, बल्कि कलर और क्लेरिटी के बीच के अंतरको समझा, साथ ही सामने खड़े ग्राहक को उन अंतरों को सार्थक रूप से समझाना भी सीखा। वर्कशॉप के दौरान प्रतिभागियों को फिज़िकल सैंपल, कलर चेंजिंग वैरायटी, एस्टेरिज़्म, प्ले-ऑफ-कलर इफेक्ट और रेयर ऑप्टिकल फिनोमिना सीखने को मिला। ये सभी पहलु सिर्फ किताबें पढ़कर नहीं समझे जा सकते। ट्रेनिंग के दौरान उन स्क्रीनिंग टेक्नोलॉजीज़ का परिचय भी दिय गया, जिनका इस्तेमाल लैब ग्रोन हीरों और प्राकृतिक हीरों के बीच फ़र्क करने के लिए किया जाता है। यह विषय इसलिए भी ज़्यादा महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि आज ग्राहक हीरा खरीदने से पहले इसकी उत्पत्ति और मूल्य से जुड़े सवाल पूछते हैं। विज्ञान और स्टोरीटैलिंग का संयोजन ‘‘हमने देखा है कि आज ग्राहकों की सोच कितनी बदल गई है’’ रमित कपूर, मैनेजिंग डायरेक्टर, जीएसआई ने कहा। ‘रीटेल टीमों को इस बदलाव के साथ-साथ अपनी असली विशेषज्ञता भी दिखानी होगी। हमारी वर्कशॉप हर ज़रूरी जानकारी के साथ ऐसा आत्मविश्वास उत्पन्न करती है, जो ग्राहक का भरोसा जीतने में कामयाब हो सके।’’ उपस्थितगणों पर इसका प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता था। ‘‘जीएसआई की वर्कशॉप ने हमारी टीम का आत्मविश्वास ही बदल दिया। आज वे रत्नों के बारे में अधिक स्पष्टता से बतासकते हैं, मुश्किल सवालों के जवाब दे सकते हैं और ग्राहकों के साथ इस तरह बात करते हैं जैसे वे सिर्फ सेल्सपर्सन नहीं बल्कि विशेषज्ञ हों।’’ प्रियेश नागर, डायरेक्टर, मदनलाल चगनलाल ज्वैलर्स, इंदौर ने कहा। भारतीय ज्वैलरी रीटेल के लिए मानकों को उपर उठाया ’ज्वैलरी एक्सीलेंस वर्कशॉप’ उद्योग के मानकों को उपर उठाने के लिए जीएसआई की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह सुनिश्चित करती है कि ज्वैलरी ब्रांड्स के प्रतिनिधि न केवल बिक्री करने में सक्षम हों, बल्कि आज के जागरूक ग्राहकों को पारदर्शित के साथ सेवाएं प्रदान करते हुए उनकी उम्मीदों पर खरे उतरें।
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